
इतिहास तो दरअसल माँ के पहले दूध की तरह है
जिसकी सही खूराक पैदा करती हमारे भीतर
मुसीबतों से लडने की ताकत
दुख सहन करने की क्षमता देती जो
जीवन की समझ बनाती है वह
हमारे होने का अर्थ बताती है हमें
हमारी पहचान कराती जो हमीं से
SAMPADAK GYANRANJAN DWARA "PAHAL"PUSTIKA KE ANTARGAT PRAKASHIT SHARAD KOKAS KI LAMBI KAVITA "PURATATVAVETTA" SE
sharad bhai sahab ko bahut bahut dhanyawad
जवाब देंहटाएंabhi apke gyan roopi mahasagar se ek boond
pan kar paya mai abhi bahut kuchh baki hai
बेहतरीन कविता।
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